क्या सिर्फ जीत महतवपूर्ण है ?
लोग कहते है की जिंदगी में जीत ही सब कुछ है , लेकिन मैं आजतक ये नहीं समझ पाया हूँ की लोग हार को गलत क्यों समझते है !लोग हार से डरते क्यों है इतना ,हार तो मौका देती है और बेहतर करने का.....हार हिम्मत को तोडती नहीं जोडती है कुछ और बेहतर करने का मौका देती है ! मैंने भी अपनी जिंदगी में कई बार हार देखी है और मैंने हारने के डर के कभी कोशिश करना नहीं छोड़ा.
जो लोग मेरे करीब है वो लोग जानते है की मैं कैसे सोचता हूँ हार के बारे में :"ना तो अभी कोशिश करने से पहले भी है और बुरे से बुरा " ना (हार) " कोशिश करने के बाद भी हो सकती है इससे बुरा कुछ नहीं हो सकता" !
मैं ये नहीं कह रहा हूँ की हारना अच्छा है पर मुझे लगता है की हार भी अपने आप में उतनी ही जरुरी है जितनी की जीत ! जीतना सबको अच्छा लगता है पर उस जीत के सही मायने समझने के लिए हार को महसूस करना बहुत जरुरी है !
कुछ लोग शायद मुझे यहाँ गलत समझे ,मैं ये नहीं कहना चाहता की जीतने से पहले एक बार हार के देखो ...... बस कहने का मतलब सिर्फ इतना ही की :
"आसमान की ऊंचाई को महसूस करने के लिए ज़मीन की गहराई की अंदाज़ा होना जरुरी है !"
हार को महसूस करके जीतने का जो मज़ा है वो एक अलग ही होता है ,और मैं ये भी कहना चाहता हूँ की इंसान को अपनी हार को इस तरह से लेना चाहिए की मुझे एक और मौका मिला है और बेहतर करने का !
जीत एक नशा होता है ,और जिंदगी में आगे बढ़ने के लिए इस नशे का आदि होना बहुत जरुरी है........
पर जीत की नशे में इतना भी चुर्र नहीं होना चाहिए की कोशिश सही से ना कर पाए , मैंने ऐसे लोगो को भी टूटते हुए देखा है जो हमेशा जीतते है और बस एक हार उन्हें अंदर से तोड़ देती है , मैंने बहुत कोशिश की है उन् भावनाओ को समझने की पर अभी तक मैं कामयाब नहीं हुआ हूँ ,मेरी कोशिश जारी है !!!
क्यूंकि जीत संगर्ष से मिलती है ,और संघर्ष का नाम ही जिंदगी है !!
intoxicating thought boss
ReplyDeleteeach n every line .. is simply . wow.... .. soo deep thoughts ... itz mindblowing !!
ReplyDeletehum kuch bolenge nai janab qki shayad kahin na kahin hum us yogya nai ki apke vyaktitva aur vicharon ki gehraiyon ko samajh saken..!
ReplyDeleteHaan ek aasan si bhasha me bs yahi kahunga aap sochte bht acha hain..!
कुनाल ...
ReplyDeleteतुने ज़िन्दगी की छोटी सी सच्चाई काफी साफ़ और आसान शब्दों में कह दिया यार...
माना हार को स्वीकार करना बहुत मुश्किल हे मगर उसी से हम जीत की सच्ची ख़ुशी को महसूस कर सकते हे.....
मैंने इस बात को बहुत करीब से जाना हे....
भाई ऐसे ही लिखते रहो.....
अनूप
har kisi ko lagta h ki haar aaegi lyf me..to dekh lenge..n just lyk an optimist..v wil handle it..par kai baar wo haar aisi hoti h ki its feel lyf ki sb kch kho diya..aur fir zindgi kch bi beshkimti cheez hi kyu na de de..uske koi maayne nai hote h..
ReplyDeletei like d last line..i believe.. har kisi ki lyf me sangharsh hota hi h..wo chahe yaa na chahe..baat ye h ki wo sangharsh "as a fighter" krta h yaa "as a looser"..well written..gud job..
kunal life ek cards k game ki tarah hoti har pal jitne ki chahat aur harne ka dar bana rahta hai....used to ho jate hain hum is situation k,par jab haar bhari padne lagti hai to jeet ki talab uthti hai , aur vo talab tufan me jalte hue us die ki trah hoti hai, jo thodi si bhi lapervahi se bujh sakta hai...............yrrr jeet ki talab sabko hoti hai pur vo jajhba bahut kam logon me hota hai
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