Thursday, December 23, 2010

Thinking




सोच ही इंसान की असली शक्ति होती है , और इस
        दुनिया में शक्तिशाली इंसान ही जिंदा रह सकता है"! 


किसी ने अंग्रेजी में सही ही कहा  है -"Survival of the Fittest" ! 
सोच ही इंसान का भविष तह करती है !
सोच से ही इंसान अपना कर्म करता है , कर्म ही इंसान को जीवन में आगे या पीछे ले जाते है !
सोचने से ही विचारो को शक्ति मिलती है ! और विचारो से ही इंसान अपना नजरिया बनता है !
इंसान अपने नज़रिए से ही अपने और अपने आस पास वालो के लिए फैसले  लेता है ! इंसान के फैसले उसकी सोच पर निर्भर करते है !  पर किसी के बारे में इतना भी नहीं सोचना चाहिए की फैसले बदलने लेंगे क्यूंकि

"सोच अगर ज्यदा गहरी होने लगे तो फैसले कमजोर पड़ने लगते है " !

नजरिया हर इंसान का अलग हो सकता है ! जैसे कभी किसी महान इंसान नें कहा था एक ग्लास
को आधा भरा देख कर -"क्या ये आधा खली है या ये आधा भरा हुआ  है,आपना अपना नजरिया है  "! .
 मैंने अपने जीवन के २२ साल की छोटी सी उम्र  में  अक्सर देखा है और मैं आश्चर्य करता हू की इंसान की सोच ऐसी कैसे हो सकती है-

"एक इंसान अपनी सोच को सही तह्राने के लिए बाकि 
        सबकी सोच,को गलत कैसे तेहरा सकता है "?


लोगो अपनी सोच दुसरो पे थोपना चाहते है पर ये गलत है , किसी की सोच को रोक के आप  उससे एक कमजोर इंसान  बना रहे होते हो ! और इंसान कभी कभी अपने सवभाव के आनुसार इतना गुस्सा करता है की वो अपने सोच को भी समझ नहीं पता !
कभी-कभी चीजों को समझने के लिए उससे अपने बहार से भी देखना जरुरी होता है , अपने बहार से मतलब सिर्फ
और सिर्फ अपने नज़रिए से अलग होके सोचने से है ! इंसानी सोच का दायरा बहुत बड़ा होता है बस थोड़ी सी समझ से
से उससे सही दिशा दी जा सकती है!
आज इंसान ने अपनी सोच से मशीन में भी सोचने की शमता दाल दी है जिससे हम लोग Artificial Intelligence के नाम से जानते है !
अब कुछ लोगो मेरी सोच से भी इतेफाक नहीं रकते होंगे पर फिर भी मैं उनकी सोच का सम्मान करता हूँ ,वो
अपनी जगह अपनी सोच से बिलकुल है सही है और मैं अपनी जगह ! और इस ब्लॉग के ज़रिये मैं आप सभी लोगो को यही बताना चाहता हूँ की सबकी सोच का सम्मान करना चाहिए !!