इस दुनिया में सबसे बड़ी बीमारी अकेलापन है, क्या कभी खुद से कहा है की मैं कितना अकेला हूँ और फिर खुद को बुरा समझा है ?
कितने लोगो को कहते समझते सुना है खुद को अकेला !!!!
मैंने बहुतो को सुना है.....
आज मेरे पास एक सवाल है उन् लोगो के लिए जो खुद को अकेला समझते है और दोष देते है .....
क्या आपने कभी ये सोचा है की आप भी इंसान है सबकी तरह ?
अगर आप किसी के दोस्त हो सकते है तो खुद के क्यों नहीं.....??? अगर आप किसी के अकेलेपन को दूर कर सकते है तो खुद के क्यों नहीं ..??? जब तक आप है आप किसी का सहारा है क्यूंकि आपका अस्तित्व है.... अगर आपका साथ किसी के अकेलेपन को दूर कर सकता है तो आपके खुद के क्यों नहीं......
ऐसा क्या है जो अकेला महसूस करवाता है ??? अगर आप किसी के साथ होने पर उसे महसूस कर सकते है ,तो खुद के अन्दर के इंसान को क्यों नहीं कर सकते है !! अगर किसी को सुन्न सकते है तो खुद की आवाज़ को क्यों नहीं ??? क्यों सबको खुश रखने वाला इंसान खुद को हस्सा तक नहीं पाता ?
क्यों हम खुद को चुटकला नहीं सुना सकते ,क्यों हम खुश होने पर भी खुद को treat नहीं दे सकते ? क्यों हम खुद की मदद नहीं कर पते है जिंदगी के उतार चढाव में ??
क्या इस डर से की लोग क्या कहेंगे ?
क्या वो सारे लोग आये थे जब आप खुद महसूस कर रहे थे की आप कितने अकेले है, नहीं ना ? और वैसे भी हम जिंदगी में बहुत सारे काम ऐसे करते है जब हम लोग का नहीं सोचते है !! तो इसमें क्यों ?
जब भी लोग लोग ऐसा सोचते है वो खुद के अस्तित्व पे एक सवाल उठा देते है ... वो खुद को एहसास दिलाते है खुद की गेरमौजुदगी का !!! ऐसा करने से वो लोग दुनिया को यकीन दिलाते है की उस इंसान के अस्तित्व का महत्व नहीं है !!!!
दुनिया वैसी देखती है जैसा आप उससे देखना चाहते है ...संसार एक शीशे के जैसा होता है वो आपके विचारो को ही आप तक पहुंचता है !!!
मुझे लगता है की
जो लोग खुद को अकेला समझते है वो खुद के अस्तित्व को भूल चुके है ...
बस अपने आप पे भरोसा रखे और खुद से दोस्ती करे आप कभी अकेले नहीं होंगे..और खुश रहेंगे ....कभी भी खुद से ना डरे ....क्यूंकि जो खुद से नहीं डरते वो कभी उदास भी नहीं होते......